What is UTI यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन क्या है हिंदी में

 प्रायः देखा जाता है की कभी भर हमें या हमारे परिवार से किसी को मूत्र त्यागते वक़्त जलन सी या दिक्कत सी महसूस होती है और ऐसा क्यों होता है आये इसके बारे में जानते है।  मूत्र मार्ग संक्रामड एक ऐसी बीमारी है जिससे की हमारे मूत्र मार्ग में कुछ विशेष प्रकार के बैक्टीरिया के द्वारा संक्रामड होजाता है जिससे की हमें बहुत तकलीफ होती है मूत्र त्यागने में इसी को हम मूत्र मार्ग संक्रामड कहते हैं जिसे अंग्रेजी में यू टी आई कहते हैं। 

यू टी आई क्यों होता है ?

ये रोग मुख्यता उन्हें होता है जो लोग अपने जननांग की सफाई अच्छी तरह नहीं  करते हैं और पानी की मात्रा कम लेते हैं  जिससे की कुछ बैक्टीरिया हमारे शरीर से निकल नहीं पाते है और वो मूत्र मार्ग में ही बड़े होने लगते हैं जिससे हम ग्रो करना कहते है। 

मुख्यतः हमारा मूत्र सिस्टम चार चीज़ों से मिलकर बना है जिसे हम गुर्दा जो की मूत्र बनाते है दूसरा जो नाली गुर्दे से मूत्राशय यानि ब्लैडर को आती है उसे युरेटर कहते है फिर आता है ब्लैडर यानि मूत्राशय मूत्राशय से एक नाली निकालके हमारे लिंग तक आती है जिससे मूत्र बहार निकलता है उसे यूरेथ्रा कहते है। यू टी आई का संक्रामड ज़्यादातर केसेस में इसी यूरेथ्रा में ही पाया जाता है यदि इसका इलाज सही तरीके से ना किया जाए तो ये संक्रामड धीरे धीरे ऊपर जाता है और ब्लैडर से होते हुए गुर्दे तक जाता है जो क़ि काफी जानलेवा होता ह। 

बैक्टीरिया जो कारक होते हैं यू टी आई के 

इसमें सबसे ज़्यादा जो सामान्य बैक्टीरिया होता है वह इ-कोली होता है और यही सबसे ज़्यादा लोगों के मूत्र मार्ग के संक्रामड का कारक होता है 

दूसरा है क्लेबसिएल्ला पनुमोनी ये भी कुछ पेशेंट में पाया जाता है 

तीसरा Pseudomonas aeruginosa  जो क़ि काफी जानलेवा होता है और इसका इलाज करना भी काफी मुश्किल होता है। 

चौथा Acinetobacter  बाउमाननि ये भी एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो काफी कम मात्रा में लोगों को होता है 

यू टी आई का पहचान और इसका इलाज 

इसकी पहचान करने के लिए डॉक्टर सर्वप्रथम आपके यूरिन क़ि जांच करता है जिसे यूरिन एनालिसिस कहते है पैथोलॉजी के माध्यम से इसमें ये पता चल जाता है क़ि आपके यूरिन में संक्रामड है या नही।  इस जांच में अगर प्रोटीन, ब्लड,पूस सेल्स, यूरिन कलर डार्क आता है तो इसका मतलब होता है क़ि आपको इन्फेक्शन ह।  अब ये पता लगाना होता है क़ि कौन सा बैक्टीरिया है और कौन सी एंटी बिओटिक्स लेनी सही रहेगी तो उसके लिए आपके यूरिन का कल्चर कराया जाता है जिसमे पता चल जाता है क़ि कौन सा बैक्टीरिया है और उसमे कौन सी दवा अच्छे से काम करेग। 

यू टी आई का इलाज

इसका इलाज मुख्यतः एंटीबायोटिक्स के माध्यम से ही किया जाता है जो क़ि ५ से लेके १५ दिनों तक चलता है और इसदौरान आपका इन्फेक्शन पूरी तरह सही होजाता है। 

वृद्धा लगों में कभी कभी क्रोनिक इन्फेक्शन होजाता है जिसका अर्थ है क़ि बार बार संक्रामड होता है और इसका इलाज करना थोड़ा कडहिं होता है जिसके लिए आपको युरोलॉजिस्ट से मिलना पद सकता है जो क़ि इसतरह के इन्फेक्शन से भली भाति त्रिनेड होता ह। 

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